पर्यटन के लिए मुख्यमंत्री की एक और पहल, सरनौल सुतुड़ी-सरूताल ट्रैक के लिए 74.20 लाख स्वीकृत, 40 लाख रिलीज।

देहरादून– पर्यटन को बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धन ने सरनौल से सरुताल 22 किमी ट्रैकिंग मार्ग की मरम्मत, रेन शेल्टर और केम्पिंग शेड निर्माण के लिए शासन ने 74.20 लाख की धनराशि स्वीकृत कर दी है। इस वित्तीय वर्ष मे 40 लाख की धनराशि रिलीज भी कर दी गयी है। सचिव पर्यटन ने निदेशक पर्यटन को प्रेषित पत्र मे 31 मार्च तक कार्य को पूर्ण कर धनराशि उपयोग मे लाने को कहा है।

 

यमुनोत्री क्षेत्र स्थित विकास खंड नौ गाँव को मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप पर्यटक सर्किट के रूप मे विकसित किया जाना है। इसके लिए पर्यटन विभाग द्वारा प्रस्ताव, परीक्षण और सभी औपचारिकताएं पूरी कर धन स्वीकृत किया गया।

पर्यटन सर्किट की स्वीकृति और धन रिलीज के लिए भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का क्षेत्रवासियों की ओर से आभार जताया है। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से सुतुडी सरूताल ट्रैक को भारत के मानचित्र पर स्थान पाने मे सफल होगा। चौहान ने कहा कि सुतुड़ी- सरूताल बुग्याल प्रकृति का आइना है। यहां प्रकृति के अद्भुत नैसर्गिक सुंदरता बिखरी है। बुग्याल में ब्रह्मकमल,लेशर सहित अनेक पुष्प व गगनचुंबी बर्फीली चोटियां मन को मोह लेते हैं। यही वजह है कि यहां बुग्याल प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है।

 

उन्होंने कहा कि सरनौल गांव से लगभग आठ किमी की दूरी पर सुतुडी है जो इस यात्रा का पहला पड़ाव है। यहां फाचुकांडी की तलहटी सुरम्य मखमली बुग्यालों के मध्य विराजमान हैं । सुतुडी से सरूताल ट्रैक 17-18 किलोमीटर दूर है।

इन दिनों सरूताल ताल के चारों तरफ अनेक प्रजाति के पुष्प खिले रहते हैं। जो पर्यटकों को आकर्षित करती है।

चौहान ने बताया कि सरनौल सुतुडी सरुताल पर्यटन विकास समिति की 17 अगस्त 2024 की मांग पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज सरनौल सुतुडी सरूताल बुग्याल को दो सितम्बर से 30 नवम्बर तक “ट्रैक ऑफ़ द ईयर” घोषित किया था।

उन्होंने बताया कि यहां ट्रैक उत्तराखंड के मान चित्र पर दर्शाया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार इसे भारत के मान चित्र पर दर्शाने के प्रयास में हैं ‌।

चौहान ने कहा कि सुतुडी- सरूताल ” ट्रैक ऑफ़ द ईयर ” घोषित होने से आने वाले समय में यहां देश -विदेश सैलानी सैलानी घुमने आयेंगे इससे इस क्षेत्र का ही नहीं बल्कि नौगांव ,बड़कोट, ठकराल पट्टी के होटल, होम स्टे मालिकों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जब इस ट्रैक पर पर्यटक आयेंगे तो स्थानीय लोगों के होम स्टे, होटल-दाबे, घोड़े -खच्चर,वाहन स्वामियों,स्थानीय उत्पादन, दूध- घी, भेड़ बकरियों ऊन से बने अनेक वस्त्र उचित मूल्य पर बिक्री होंगे जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के द्वारा खोलेंगे।

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