देहरादून –सहस्त्रधारा में आई आपदा के करण कई होटल और रिसॉर्ट बह गए और कई लोगों के घर पानी की चपेट में आने के कारण खत्म हो गए । इस आपदा की घड़ी में प्रशासन ने लोगों का खूब साथ दिया परंतु कुछ लोगों के कारण आपदा खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है कुछ लोगों द्वारा प्रशासन की लगाई हुई जेसीपी और पोकलैंड का दुरुपयोग किया जा रहा है सहस्त्रधारा पार्किंग के पास कुछ लोगों द्वारा अपनी साइड से नदी को पूरा पानी डायवर्ट कर देने के कारण एक रिसॉर्ट और कुछ मकानों पर आपदा बन बैठी है जिसमें डीएम हेल्पलाइन को अवगत कराया गया था तथा वहां की वीडियो भी भेजी गई थी परंतु कोई मदद नहीं मिली लगता है प्रशासन तब मदद करता है जब आपका घर बह जाता है या आपका व्यापार खत्म हो जाता है कुछ लोगों के कारण यह सब होता है लेकिन प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करता इन जैसे लोगों पर जो अपने स्वास्थ्य के कारण दूसरों को नुकसान पहुंचाते हैं वैसे तो यह खनन माफिया हैं पूरे साल खनन करते रहते हैं कमल तो यह है कि सहस्त्रधारा की इस नदी को इन लोगों ने अपने ही हिसाब से खनन करने के लिए आपस में बांट रखा है आपदा में सबसे बड़ा हाथ इन्हीं लोगों का है परंतु प्रशासन चुप रहता है कोई कार्रवाई नहीं करता। प्रशासन आपकी मदद जरूर करेगा परंतु आपका घर और आपका व्यापार खत्म हो जाना चाहिए उसके बाद आपको दो ₹4000 देकर शांत कर दिया जाएगा और कहां जाएगा कि हमने मदद कर दिया धन्यवाद ऐसी सरकार का और डीएम साहब आपकी हेल्पलाइन भी क्या कर रही है कोई कार्रवाई नहीं करती अगर आप सरकारी तंत्र समय पर कार्रवाई कर दे तो जान माल का नुकसान होने से बच सत्ता हैं ।
