दारोगा को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा, हाथ के गुलाबी रंग से खुली पाेल तो फफक कर रो पड़ी दारोगा।

गोरखपुर। घूस लेते हुए एंटी करप्शन टीम के हत्थे चढ़ी प्रशिक्षु महिला दारोगा अंकिता खुद को बेकसूर बता कार्रवाई को गलत बता रही थी।उसका कहना था कि महिला से रुपये नहीं लिए हैं उसे फंसाया जा रहा है।

एंटी करप्शन की टीम ने शिकायतकर्ता के साथ ही जब उसका भी हाथ पानी से धुलवाया तो उसका रंग गुलाबी हो गया। जिसका नमूमा टीम ने अपने पास रख लिया।भेद खुलने पर निलंबित हुई प्रशिक्षु दारोगा कैंट थाने में फफक कर राेने लगी। शनिवार को उसे दोपहर बाद न्यायालय में पेश किया गया जहां से जेल भेज दिया गया।

बिहार के भोजपुर (आरा) जिले के बड़हरा थाना क्षेत्र के नया सवलपुर निवासी मनोज पांडेय की पुत्री अंकिता पांडेय वर्ष 2023 में उत्तर प्रदेश पुलिस में दारोगा के पद पर भर्ती हुई थी। गोरखपुर जिले में तैनाती मिलने के बाद उसे मार्च 2023 में पिपराइच थाने भेजा गया था।

 

शुक्रवार को एंटी करप्शन की टीम ने मारपीट के मुकदमे से नाम निकालने के लिए 10 हजार रुपये घूस लेने अंकिता को गिरफ्तार करने के बाद कैंट थाने में भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया। पिपराइच क्षेत्र के लोगों का कहना है कि प्रशिक्षु महिला दारोगा की आम शोहरत ठीक नहीं थी।

थाने में तैनाती के बाद जितने मुकदमे की विवेचना उसने की है इसकी जांच कराई जाए तो भ्रष्टाचार के कई मामले सामने आएंगे।सीओ कैंट योगेंद्र सिंह ने बताया कि मेडिकल कराने के बाद शनिवार को दोपहर बाद कैंट थाना पुलिस ने घूस लेने की आरोपित प्रशिक्षु दारोगा को न्यायालय में पेश किया।

यह है मामला

पिपराइच के बेला कांटा गांव की रहने वाली उर्मिला देवी पत्नी गोरख निषाद व उनके स्वजन के विरुद्ध 27 सितंबर, 2024 पट्टीदारों ने मारपीट करने का मुकदमा दर्ज कराया था। इसकी विवेचना प्रशिक्षु दारोगा अंकिता पांडेय को मिली थी। मुकदमे से बेटियाें का नाम निकालने के लिए उर्मिला से 10 हजार रुपये मांग रही थी।

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