सीएम धामी ने नगर निगम महापौर एवं नगर पालिका अध्यक्षों से संवाद किया।
सीएम ने राज्य की प्रत्येक नगर निगम में 10, नगर पालिका में 5 तथा नगर पंचायत में 3 हाई -टेक हैयर सैलून / पार्लर स्थापित करने हेतु स्थानीय महिला एवं पुरुषों हेतु प्रशिक्षण का कार्यक्रम चलाने की घोषणा की
मातृ शक्ति राज्य की सबसे बड़ी ताकत, उत्तराखंड को अग्रणी राज्य बनाने में माताओ- बहनों की सबसे बड़ी भूमिका- सीएम*
देहरादून–सीएम धामी ने राज्य के सभी नगर निकायों के जनप्रतिनिधियों को नसीहत दी है कि वे अपनी भूमिका को केवल एक “पद” के रूप में न देखें, बल्कि इसे जनसेवा के एक मिशन के रूप में अपनाएं। आप सभी अपने-अपने निकाय कार्यालय को केवल एक प्रशासकीय इकाई ही नहीं, बल्कि उसे एक ‘सेवा केंद्र’ के रूप में विकसित करें, जहाँ प्रत्येक नागरिक बिना झिझक के पूरे विश्वास के साथ आएं। आप सभी पारदर्शिता, जवाबदेही और ईमानदारी को अपनी कार्यशैली का मूल मंत्र बनाएं। आप लोग नियमित रूप से विशेषकर उन कार्यों की मॉनिटरिंग स्वयं करें, जिनमें भ्रष्टाचार की संभावना अधिक रहती है क्योंकि प्रशासनिक स्तर पर आपकी सतर्कता ही सुशासन की सबसे बड़ी गारंटी बन सकती है। भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएं और अपने अधीनस्थ अधिकारियों-कर्मचारियों को ये स्पष्ट संदेश दें कि किसी भी स्तर पर भ्रष्ट आचरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मेरा मानना है कि हमारी जिम्मेदारी केवल सत्ता में बने रहने की ही नहीं है, बल्कि हमारी असल जिम्मेदारी जनता की सेवा करने की है।
मुख्यमंत्री ने आज मुख्य सेवक सदन में शहरी विकास विभाग द्वारा आयोजित “शहर से संवाद” कार्यक्रम में राज्य के सभी नगर निगम एवं नगर पालिकाओं के जनप्रतिनिधियों से संवाद किया | इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शहरी विकास विभाग द्वारा महिला स्वयं सहायता समूहों की सहायता हेतु तैयार तीन वेब पोर्टल लॉन्च किए |इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नगर निकायों के कार्यालयों को डिजिटल करने, रजत जयंती पार्क बनाने, नगर निकायों में वेंडिंग जोन बनाने, भारत सरकार से टाइड फंड को अनटाइड करने का अनुरोध करने की तथा राज्य की प्रत्येक नगर निगम में 10, नगर पालिका में 5 तथा नगर पंचायत में 3 ही-टेक हैयर सैलून / पार्लर स्थापित करने हेतु स्थानीय महिला एवं पुरुषों हेतु प्रशिक्षण का कार्यक्रम चलाने की घोषणा की |
*नगर निकाय शहरो की आत्मा -सीएम धामी*
नगर निकायों के जनप्रतिनिधियों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “शहरी सरकार” नगर निगम और नगर पालिकाएं किसी भी शहर की आत्मा हैं। यह न केवल बुनियादी सुविधाएं जनता तक पहुँचाने का कार्य करती हैं, बल्कि किसी शहर की दिशा और दशा तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है, कई नगरों में जल निकासी की समस्या बनी हुई है। साथ ही शहरों में कचरा प्रबंधन की व्यवस्था को और अधिक सशक्त करने की आवश्यकता है। ट्रैफिक जाम अब शहरों में एक आम चुनौती बन चुका है, जिसे नियंत्रित करने के लिए स्थानीय निकायों को भी को विशेष प्रयास करने होंगे। इसके साथ ही हमें पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी प्राथमिकता के साथ कार्य करना होगा।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हमारी सरकार ने स्मार्ट सिटी मिशन, पीएम स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन जैसी विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उत्तराखंड के प्रत्येक नागरिक को देने का प्रयास किया गया है। इसके साथ ही “विकास भी, विरासत भी” के मूलमंत्र के साथ राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और संवर्धित करने की दिशा में भी निरंतर कार्य किए जा रहे हैं।