केंद्र सरकार की योजना के तहत बिजली के स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। कुमाऊं मंडल में इसके लिए अडानी एनर्जी साल्यूशन के साथ अनुबंध हुआ है। तराई-भाबर में नगर और ग्रामीण इलाकों में मीटरों को बदला जाना है। जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में सिर्फ नगर मुख्यालय में ही स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। कुमाऊं में 6.55 लाख मीटर लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
निगम आधुनिक तकनीकी से युक्त बिजली के स्मार्ट मीटर लगवा रहा है। इसमें पहले मोबाइल फोन की तरह रिचार्ज कर यानी प्रीपेड मोड में सप्लाई देने की योजना थी, लेकिन उपभोक्ताओं में असमंजस को देख निगम ने नीति बदल दी है। ऐसे में स्मार्ट मीटर तो लगाया जाएगा, लेकिन बिल फिलहाल मौजूद व्यवस्था की तरह ही आएगा। इसमें कर्मी घर पर बिल देकर जाएगा और उसका भुगतान करना होगा। हालांकि, शुरुआत में कुछ समय तक ऐसा होगा। नई प्रणाली लोगों के समझ में आने के बाद प्रीपेड फीचर सक्रिय कर दिया जाएगा।
केंद्र सरकार की योजना के तहत बिजली के स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। कुमाऊं मंडल में इसके लिए अडानी एनर्जी साल्यूशन के साथ अनुबंध हुआ है। तराई-भाबर में नगर और ग्रामीण इलाकों में मीटरों को बदला जाना है। जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में सिर्फ नगर मुख्यालय में ही स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे।